देश के शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट बी.1.617 तीन अलग-अलग भाग में बंट चुका है. लेकिन अभी ये वायरस का डबल म्यूटेंट देश के कुछ हिस्से में जैसे महाराष्ट्र और कुछ-कुछ देश के दूसरे हिस्सों में भी मिला है. जानें विस्तार से.. :कोरोना वायरस का डबल म्यूटेंट तीन वर्गों में बंट गया : बी .1.617.1, : बी.1.617.2 और : बी.1.617.3 नाम दिया गया ईन राज्यों में है वैज्ञानिकों के मुताबिक, महाराष्ट्र और केरल के अलावा डबल म्यूटेंट तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी मौजूद है जहां 5 से 10 प्रतिशत कोरोना मरीजों में इसका असर दिखता है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में तो हाल के 70% मरीज वायरस के डबल म्यूटेंट से ही संक्रमित हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत में हुए संक्रमण की तेज दर, मृत्यु दर और गंभीर लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि के पीछे नए म्यूटेंट की पुष्टि के लिए और अध्ययन की जरूरत है. ट्रिपल म्यूटेंट है क्या? वैज्ञानिकों के अनुसार, इसमें कई म्यूटेशन हैं. इसे ट्रिपल म्यूटेशन इसलिए कहते हैं क्योंकि दो म्यूटेशनों के अलावा इसकी स्पाइक में वी382एल भी है. यह बी.1.167 का ही रूप है जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कुछ-कुछ अन्य राज्यों में पाया गया. उन्होंने कहा कि ट्रिपल म्यूटेंट के अब तक के व्यवहार से पता चलता है कि यह संभवतः कम खतरनाक है. |