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जानें, किन्हें नहीं लेनी चाहिए कोरोना की वैक्सीन

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कोरोना वायरस की तबाही के बीच भारत सरकार 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने की शुरुआत करने जा रही है. हालांकि वैक्सीन को लेकर लोगों म.. 




कोवैक्सीन किन्हें नहीं लगवानी चाहिए-कोवैक्सीन का निर्माण भारत बायोटेक ने किया है. कंपनी ने अपनी फैक्टशीट में कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को वैक्सीन के..यदि पहली डोज़ के बाद रिएक्शन सामने आ रहे हैं तब भी ये वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए. अगर कोरोना का घातक संक्रमण और तेज बुखार है तो ऐसे में भी वैक्सीन ना लें... जो लोग किसी अन्य वैक्सीन का पहला डोज ले चुके हैं, उन्हें कोवैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लेना चाहिए. वैक्सीन लेने से पहले हेल्थकेयर की तरफ से बताए गए अन... 




कोविक्सीन ने पहले गर्भवती महिलाओं और स्तनस्टाफिंग प्रदान करने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन देने से इनकार किया था। कंपनी का दावा था कि इन महिलाओं पर वैक्सीन को टेस्ट नहीं किया गया है। फैक्टशीट में कहा गया है कि प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग महिलाएं वैक्सीन लगवाने से पहले अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर को सूचना जरूर दें।



कोविशील्ड किन्हें नहीं लगवानी चाहिए- भारत में लग रही दूसरी वैक्सीन कोविशील्ड है जिसका प्रोडक्शन 'सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' ने किया है.इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने डेवलप किया है. कोविशील्ड की फैक्ट शीट में उन लोगों को वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी है जिन्हें वैक्सीन के किसी. इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने डेवलप किया है. कोविशील्ड की फैक्ट शीट में उन लोगों को वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी है जिन्हें वैक्सीन के किसी वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी है जिन्हें वैक्सीन के किसी भी इनग्रेडिएंट से गंभीर एलर्जी होने का खतरा होता है. कोविशील्ड में इस्तेमाल इनग्रेडिएंट एल-हिस्टिडाइन, एल-हिस्टिडाइन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, डिसोडियम एडिटेट डाइहाइड्रेट (EDTA)और इंजेक्शन के लिए पानी है. इसकी फैक्टशीट में कहा गया है कि गर्भवती या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं वैक्सीन लेने के लिए हेल्थकेयर प्रोवाइडर से सला. 



दोनों दवा कंपनियों की फैक्ट शीट में कहा गया है कि वह अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर को सेहत से संबंधित बदलावों जैसे कि अपनी मेडिकल दवा, सभी की समस्या, बुखार, इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड या अगर आपने कोई और वैक्सी ली है तो ये सभी बातें विस्तार से बताती हैं। । कोविशील्ड और कोविक्सीन दोनों ही वैक्सीन बच्चों को नहीं दी जा रही है, क्योंकि अभी तक इनका टेस्ट नहीं किया गया है 



वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स-सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक दोनों ने अपनी-अपनी कोरोनावायरस वैक्सीन के जोखिम और साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया है। इन इंजेक्शन लगने वाली जगह पर सूजन, दर्द, लाल और खुजली होने जैसे लक्षण हैं। इसके अलावा हाथ में अकड़न, इंजेक्शन लगने वाली बांह में कमजोरी, शरीर में दर्द, सिरदर्द, बुखार, बेचैनी, थकान, चकते, मितली और उल्टी जैसे कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स हैं।

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